यहां हर मनोकामना होती है पूरी


सिरोंज का डांगवाली महामाई का मंदिर समूचे देश में ख्यात है। मान्यता है कि इस मंदिर में प्रार्थना करने पर भक्तों की सभी मनोकामना पूरी होती है। यही कारण है कि दूर दूर से भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं। नेता, अभिनेता और व्यवसाई से लेकर आमजन अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। नवरात्रि पर यह शतचंदी महायज्ञ होता है, पूर्णाहुति पर विशाल भंडारा जिसमें एक लाख से अधिक लोग शामिल होते हैं। इस वर्ष यहां दुर्गा महायज्ञ आयोजित किया गया जिसकी पूर्णाहुति में अपार जन सैलाव उमड़ा। महामाई सेवा समिति द्वारा भक्तों की सेवा और सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां की गई थी। प्रसादी वितरण में वितरण के लिए दो हजार लोगों की टीम लगाई गई थी। महामाई डांगवाली के दरबार में यज्ञ का पूर्णाहुति पर पंडित नलिनीकांत शर्मा के सानिध्य मुख्य यजमान के साथ ही हजारों श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित की। यज्ञ शाला के पास ही माँ अंबे के नौ रूपों की झांकी भी लगाई गईं थी। आर्कषक ढंग से सजाए गए दरबार में छोटी-छोटी बालिकाओं को माँ अम्बे के नौ रूपों में सजाया गया ।
खेली गई ब्रज की होली
वृन्दावन धाम से आए कलाकारों द्वारा ब्रज की होली का मंचन किया गया । कृष्ण और राधा के स्वरूपों ने फूलों की होली का मन भावन दृष्य प्रस्तुत किया। फूलों की होली के लिए गुलाब मोगरा के अलावा तरह-तरह के लगभग पांच क्विंटल से अधिक फूल भोपाल से मंनाए गए थे। वृन्दावन से आए कलाकारों की टोली ने लठ्ठमार होली तथा गारी व मयूर नृत्य की भी प्रस्तुति दी। इस दौरान पूरे रामलीला परिसर में भगवान कृष्ण और राधा रानी के जयकारें गुंजायमान होते रहे।
भंडारे में एक लाख भक्तों ने ग्रहण की प्रसादी
डांग वाली माता के दरबार में नवरात्रि पर हर वर्ष भंडारा किया जाता है। इस वर्ष भी यहां एक लाख से अधिक लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। भंडारे की व्यवस्था दस बीघा परिसर में की गई थी। खेत में तार फेंसिंग कर बनाए गए बीस गालों में भोजन करवाया जा रहा था। प्रत्येक गालें में सैंकडों श्रद्वालु एक साथ भोजन कर रहे थे। हर आधे घंटे में हजारों लोगों का भोजन हो रहा था।