अवैध इमारतों का बेखौफ हो रहा व्यावसायिक उपयोग

पंकज परमार


इंदौर। नगर निगम की मेहरबानी और अधिकारियों की अनदेखी के चलते शहर की बहुत सी बहुमंजिला इमारतों छत पर अवैध रूप से निर्माण किये हैं। इन इमारतों की छतों पर व्यावसायिक उपयोग धड़ल्ले से हो है। देश के महानगरों में चलने वाला यह ट्रेड अब इंदौर में पैर पसार है। भवन की छत का व्यवसायिक उपयोग कर लाखों रुपये प्रतिमाह की कमाई करने के इस कामकाज के लिये नियम-कायदे नहीं हैं।



कई भवनों की छतों पर शेड डालकर छात्रों क्लासेस ली जा रही हैं, तो कहीं पर रेस्टोरेंट, जिमखाना और खेलकूद की गतिविधियां भी चल रही हालांकि कुछ समय पूर्व इंदौर नगर निगम की अधिकारी लता अग्रवाल ने अपने मातहतों को मौके पर प्राप्त क्षेत्रफल एवं उपयोग प्रयोजन के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश जरूर दिए थे, लेकिन मामला हवा- हवाई होकर रह गया। इन इमारतों की छतों पर से अभी तक व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बनाए गए निर्माण नहीं हटाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार कार्यवाही के निर्देश के बाद अधिकारियों ने सक्रियता जरूर दिखाई, लेकिन सुविधा शुल्क के चलते मामला ठण्डा कर दिया गयाभंवरकुआं, विजय नगर, एबी रोड, गीता भवन चौराहा सहित सपना संगीता क्षेत्र की कई इमारतों पर व्यावसायिक उपयोग के निर्माण खड़े होकर निगम को ठेंगा दिखा रहे हैं। इसमें लेनदेन की खबर सामने है। निगम के मुख्यालय प्रभारी गोयल ने सभी झोनल कार्यालयों इस मामले में सूचित भी लेकिन अब तक कोई ठोस नहीं हुई। इन भवन मालिकों जाने वाले नोटिस फाइलों होकर रह गए। गीता भवन तुलसी टॉवर की छत पर गतिविधियां संचालित थींनिर्माण अभी तक बरकरार तरह एबी रोड पर स्थित ओणम पर भी खेल गतिविधियों देकर व्यावसायिक उपयोग सुविधा बनी हुई है। सभी कार्यालयों के सहायक अधिकारियों को दिया गया बहुमंजिला मालिकों के चलते खत्म हो गया।