सीएम हेल्प लाइन में शिकायत के बाद

महिला पत्रकार के मामले में एएसआई शेखावत ने की खानापूर्ति



पंकज परमार
इंदौर। खाचरौद निवासी महिला पत्रकार के साथ घर में घुसकर बद्सलूकी किए जाने के मामले में पुलिस को शिकायत करने की लेट-लतीफी और धमकाने का मामला प्रकाश में आया है। पत्रकार दीपिका प्रजापत छुट्यिों के दौरान अपने घर खाचरौद में थी। शाम के समय मेहरबान सिंह गुजर अपने ३-४ साथियों के साथ घर में घुसकर धमकाने लगा और अभद्रता करते हुए घर से उठा ले जाने और बीच चौराहे पर इज्जत उतारने की धमकी देने लगा। तब दीपिका ने विरोध करते हुए मेहनबान सिंह को कहा कि इस तरह का व्यवहार न करें, लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ और वह धमकाते हुए वापस चला गया। इस पूरी घटना की जानकारी देने के लिए महिला पत्रकार दीपिका ने खाचरौद थाने में एक आवेदन दिया, लेकिन आवेदन लेने के बजाय एएसआई ओमप्रकाश शेखावत ने भी अभद्रता करते हुए घर में बैठे रहने की सलाह दे डाली, चूंकि महिला पत्रकार ने अपने पत्रकार होने की जानकारी नहीं देते हुए एएसआई से कार्रवाई करने और एफआईआर लिखने की गुजारिश की। तब एएसआई ने अगले दिन आने का कहकर मामले को आगे बढ़ा दिया। अगले दिन भी एएसआई से महिला पत्रकार ने संपर्क करते हुए एफआईआर दर्ज करने की बात कही, तब यह कहा गया कि जिन लोगों ने उसे घर में घुसकर धमकाया है, वे बड़े पॉवरफुल लोग हैं। तुम शिकायत वापस लो, नहीं तो तुम्हें भी जेल में डाल दूंगा। पूरे मामले की जानकारी महिला पत्रकार ने एसडीओपी वीरेंद्र कुशवाह को दी, इस पर एसडीओपी का कहना है कि उन्होंने खाचरौद थाना प्रभारी को जांच के लिए निर्देशित किया था। इस पर उन्होंने एएसआई शेखावत से जांच करवाई है, लेकिन चार दिन बीत जाने के बावजूद भी एफआईआर दर्ज न होने पर महिला पत्रकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। जिस पर कार्रवाई करते हुए मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने के  आदेश दिए गए, लेकिन यहां भी एएसआई ओमप्रकाश शेखावत ने कानूनीबाजी करते हुए मामले में सामान्य धारा दर्ज कर ली। एफआईआर दर्ज होने की सूचना देते हुए एएसआई शेखावत ने महिला पत्रकार को फोन करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन से शिकायत वापस ले लो और यह तो अच्छा हुआ कि मैं थाने के अंदर वाले कमरे में नहीं बैठा था, नहीं तो तुम मेरे ऊपर कोई दूसरा इल्जाम भी लगा देती। इस पर महिला पत्रकार ने विरोध दर्ज कराया है। पत्रकार दीपिका प्रजापत ने कहा कि खाचरौद थाने के एएसआई शेखावत महिलाओं की इज्जत नहीं करना जानते हैं। मैंने उन्हें अपने पत्रकार न होने की जानकारी देते हुए सामान्यजन की तरह एफआईआर करने का निवेदन किया था। उनका इस तरह का व्यवहार यह जाहिर करता है कि ग्रामीण क्षेत्र के अनपढ़ और जानकारी न रखने वाले लोगों से पुलिस किस तरह का व्यवहार करती है। 
दीपिका का यह भी कहना है कि उनके भाई अनिल तथा मेहरबान सिंह के बीच भैंसों के रुपए को लेकर जो लेन-देन था, वह पूरा हो गया है, लेकिन पैसे देने में देरी के कारण मेहरबान सिंह विधायक दिलीप गुजर का नाम लेते हुए ब्याज वसूलने का दबाव बना रहा है। महिला पत्रकार ने अपने साथ हुई अभद्रता और एफआईआर में एएसआई द्वारा मामूली धाराएं लगाकर धमकाने वाले लोगों को मदद करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ व गृहमंत्री बाला बच्चन को पत्र लिखा है। 
इधर महिला पत्रकार के साथ हुई अभद्रता के मामले में राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा ने भी निंदा की है। बहरहाल बेहतर कानून व्यवस्था के लिए जाने जाने वाले जिला पुलिस कप्तान सचिन अतुलकर के प्रयासों पर खाचरौद थाने के एएसआई पलीता लगा रहा है।